निवेश कुमार
निवेश कुमार को बचपन से ही हिंदी उपन्यासों और कविताओं से गहरा लगाव रहा है। उन्होंने अपनी B tech तक की पढ़ाई कोलकाता से पूरी की, लेकिन उनका मन हमेशा से किताबों की दुनिया में ही बसता आया है। पढ़ते-पढ़ते उन्होंने लिखना शुरू किया, और अब कविता उनके लिए बस अभिव्यक्ति नहीं, एक आत्मीय ज़रूरत बन गई है। उनकी रचनाओं में प्रेम भी है, प्रश्न भी हैं, और वो खामोशियाँ भी जो अक्सर कही नहीं जातीं। निवेश हर भाव को सरल शब्दों में, सच्चाई के साथ कहना पसंद करते हैं — बिना बनावट, बिना शोर। छुपे अल्फाज उसी मौन, उसी सच्चाई और उन्हीं अनकहे सवालों की एक यात्रा है — जो शब्दों से कम, और अहसास से ज़्यादा कही गई है। यह संग्रह उन पलों का दस्तावेज़ है, जो गुज़र तो जाते हैं… पर भीतर कुछ हमेशा के लिए छोड़ जाते हैं।